✦ वैदिक ज्योतिष · लाहिड़ी अयनांश

क्या आप मांगलिक हैं?

एक मुफ़्त, सच्ची मंगल दोष जांच। अपनी जन्म जानकारी भरें — हम देखेंगे कि मंगल आपके लग्न, चंद्र और शुक्र से किस भाव में है, और उसे बिना डराए, प्रेम से पढ़ेंगे।

मंगल दोष (मांगलिक) क्या है?

मंगल दोष — जिसे मांगलिक दोष, कुज दोष या चेव्वई दोषम भी कहते हैं — आपकी वैदिक कुंडली के कुछ भावों में मंगल (मंगल ग्रह) की स्थिति है। परंपरा में व्यक्ति तब मांगलिक कहलाता है जब मंगल पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो — लग्न से गिनकर, और साथ ही चंद्र तथा शुक्र से भी जांचा जाता है।

चूँकि मंगल ऊर्जा, साहस और जोश का कारक है, ये भाव विवाह, घर और साझेदारी को छूते हैं — इसीलिए विवाह-मिलान में इसकी सबसे अधिक चर्चा होती है। पर सच यह है: मंगल दोष बहुत सामान्य है — इन नियमों से बड़ी संख्या में लोग मांगलिक होते हैं। यह न कोई श्राप है, न आपके प्रेम-जीवन पर कोई फ़ैसला।

दोष भंग (निवारण)

शास्त्र दोष को कम या रद्द करने के कई तरीके बताते हैं — मांगलिक दोष भंग। सबसे आम: यदि दोनों साथी मांगलिक हों, तो दोष रद्द हो जाता है; यदि मंगल अपनी राशि (मेष या वृश्चिक) में हो या उच्च का (मकर) हो; आयु के साथ (कई कहते हैं ~28 वर्ष के बाद प्रभाव घटता है); तथा गुरु या चंद्र की दृष्टि से। इसीलिए सच्चा विश्लेषण पूरी कुंडली देखता है, कभी एक ही कारक नहीं।

वास्तविक खगोलीय स्थितियों (VSOP87) और मानक लाहिड़ी अयनांश से गणना। चिंतन एवं मार्गदर्शन हेतु — Wooly के साथ प्रेम से। 🐑